सरगुजा। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाली महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज आज पूरे संभाग में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। एक गंभीर स्थिति में, जब सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों की उग्र भीड़ ने उन्हें घेर लिया और पत्थरबाजी शुरू कर दी, तब भी उन्होंने न केवल संयम बनाए रखा बल्कि घायल होने के बावजूद मौके पर डटी रहीं और अपने दायित्व का निर्वहन करती रहीं। उनके इसी अद्वितीय साहस को देखते हुए कलेक्टर सरगुजा ने भीड़ के सामने उन्हें सैल्यूट कर सम्मान व्यक्त किया, वहीं पुलिस अधीक्षक ने औपचारिक रूप से उन्हें सम्मानित किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक संवेदनशील मामले में पुलिस कार्रवाई के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। ग्रामीणों की भीड़ ने महिला थाना प्रभारी को चारों ओर से घेर लिया और विरोध के रूप में पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान सुनीता भारद्वाज को चोटें भी आईं, लेकिन उन्होंने न तो मोर्चा छोड़ा और न ही अपने कर्तव्य से पीछे हटीं। उन्होंने सूझबूझ, धैर्य और नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए हालात को संभाले रखा, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालात सामान्य होने के बाद कलेक्टर सरगुजा ने सार्वजनिक रूप से महिला थाना प्रभारी के साहस की सराहना की। कलेक्टर ने कहा कि “ऐसे अधिकारी प्रशासन की रीढ़ होते हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी कानून और जनहित के लिए अडिग रहते हैं।” इसके बाद कलेक्टर महोदय ने भीड़ के सामने सुनीता भारद्वाज को सैल्यूट कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया, जो अपने आप में एक असाधारण और प्रेरणादायक क्षण रहा।
पुलिस अधीक्षक ने भी महिला थाना प्रभारी की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “सुनीता भारद्वाज ने यह साबित कर दिया कि पुलिस बल में महिलाएं किसी भी चुनौती से कम नहीं हैं। उन्होंने न केवल साहस दिखाया बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की सर्वोच्च परंपरा को कायम रखा।” इसी क्रम में एसपी महोदय ने उन्हें सम्मानित करते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस घटना के बाद जिलेभर में महिला थाना प्रभारी की बहादुरी की चर्चा हो रही है। आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और महिला समूहों ने उनके साहस को नमन करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में सुरक्षा, विश्वास और प्रेरणा का संचार करते हैं। विशेष रूप से महिला पुलिसकर्मियों के लिए यह घटना एक मजबूत संदेश है कि विपरीत परिस्थितियों में भी नेतृत्व और कर्तव्यपरायणता से इतिहास रचा जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि सरगुजा महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज पूर्व में भी कई संवेदनशील मामलों में अपनी कार्यकुशलता और निष्पक्षता का परिचय दे चुकी हैं। इस ताजा घटना ने उनके व्यक्तित्व और सेवा भावना को और अधिक सुदृढ़ किया है। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि ड्यूटी के दौरान घायल हुए अधिकारियों को हर संभव सहयोग और सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
कुल मिलाकर, यह घटना न केवल एक महिला अधिकारी की व्यक्तिगत बहादुरी की कहानी है, बल्कि यह प्रशासन और पुलिस बल के समर्पण, साहस और जनसेवा की भावना को भी उजागर करती है। सुनीता भारद्वाज का यह साहसिक कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

