मुंगेली। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर केंद्रीय बजट को लेकर विश्राम गृह मुंगेली में क्रेड़ा अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त भूपेंद्र सवन्नी ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय बजट की विस्तृत रूपरेखा पत्रकारों के सामने रखते हुए इसे 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने वाला दूरदर्शी बजट बताया।
भूपेंद्र सवन्नी ने कहा कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, कृषि, उद्योग और आधारभूत संरचना सभी क्षेत्रों को समान प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि देश में पांच नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप खोली जाएंगी, वहीं डाटा कंपनियों को 2047 तक टैक्स में छूट दी गई है, जिससे भारत में निवेश बढ़ेगा और तकनीकी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।
पर्यटन और युवाओं के लिए बड़े अवसर
उन्होंने बताया कि 10 हजार युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। विदेश यात्रा पर लगने वाले टीसीएस की दर को घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इलाज के लिए विदेश भेजी जाने वाली राशि और शिक्षा ऋण पर भी टीसीएस में बड़ी राहत दी गई है। विदेश से 75 हजार रुपये तक का सामान लाने पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा।
एनीमेशन, गेमिंग और हेल्थ सेक्टर में रोजगार
2030 तक एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक सेक्टर में 20 लाख पेशेवर तैयार किए जाएंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में 1 से 1.5 लाख एलिट हेल्थ प्रोफेशनल को रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी और बिहेवियर हेल्थ में प्रशिक्षित करने के लिए 1000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान
सवन्नी ने बताया कि बजट में महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। ग्रामीण महिलाओं के लिए एसएचई मार्ट और सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट की घोषणा की गई है, जिससे महिलाएं अपने उत्पाद सीधे बेच सकेंगी। लखपति दीदी योजना का लक्ष्य 2 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ कर दिया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का बजट बढ़ाकर 28,143 करोड़ कर दिया गया है।
किसान, पशुपालक और मछुआरों को राहत
बजट में पशुपालकों के लिए लोन सब्सिडी, मछली पालन के लिए 500 बड़े तालाबों के निर्माण, कॉफी किसानों के लिए विशेष योजना और छोटे किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। किसानों को उद्यमी बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और स्वास्थ्य क्षेत्र को बढ़ावा
एमएसएमई के लिए 10 हजार करोड़ की एसएमई विकास निधि की घोषणा की गई है। सात सेक्टरों में एक लाख करोड़ से अधिक के निवेश से मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत को बायो-फार्मा हब बनाने के लिए 40 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। पांच बड़े मेडिकल हब, तीन आयुर्वेदिक अस्पताल, सस्ती दवाएं, बुजुर्गों के लिए डेढ़ लाख केयर टेकर और जिला अस्पतालों में ट्रामा केयर क्षमता 50 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की गई है।
शिक्षा, रेलवे और बुनियादी ढांचे पर फोकस
शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल और कॉलेजों में एवीजीसी लैब स्थापित होंगी। हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, तीन केमिकल पार्क, 10 हजार इलेक्ट्रिक बसें, रिटर्न भरने की तारीख में बढ़ोतरी जैसे अहम फैसले बजट में शामिल हैं।
कांग्रेस और मोदी सरकार के बजट की तुलना
सवन्नी ने बताया कि कांग्रेस शासन में शिक्षा बजट 39 हजार करोड़ था, जो मोदी सरकार में बढ़कर 1.39 लाख करोड़ हो गया है। रक्षा बजट ढाई लाख करोड़ से बढ़कर 7.30 लाख करोड़, स्वास्थ्य बजट 38 हजार करोड़ से एक लाख करोड़ से अधिक, किसानों का बजट 29 हजार करोड़ से बढ़कर 1.65 लाख करोड़, रेलवे बजट 29 हजार करोड़ से बढ़कर 2.81 लाख करोड़ और पूंजीगत व्यय 2 लाख करोड़ से बढ़कर 12.02 लाख करोड़ हो गया है।
छत्तीसगढ़ को मिला ऐतिहासिक लाभ
उन्होंने बताया कि बजट में छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल के लिए माइनिंग कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की गई है, जिससे खनिज आधारित उद्योगों को मजबूती मिलेगी। रेलवे विकास के लिए छत्तीसगढ़ को 7,470 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो ऐतिहासिक है।
प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडे, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गिरीश शुक्ला, पूर्व जिला अध्यक्ष शैलेष पाठक, नगर पालिका उपाध्यक्ष मोहन माल्लाह, जिला मीडिया प्रभारी रामशरण यादव सहित प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया के पत्रकार उपस्थित रहे।
यह जानकारी जिला मीडिया प्रभारी रामशरण यादव ने दी।

