Home हमर छत्तीसगढ़ Helpless farmer: लॉकडाउन की बंदिशों ने जशपुर के किसानों की तोड़ी कमर

Helpless farmer: लॉकडाउन की बंदिशों ने जशपुर के किसानों की तोड़ी कमर

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10 रुपए में जितना टमाटर तोड़ना है तोड़ कर ले जाएं.. बावजूद नहीं मिल रहे ग्राहक

जशपुरनगर. जशपुर जिले के टमाटर (tomato) उत्पादक किसान इन दिनों अपनी बेबसी (Helpless farmer) पर आंसू बहाने के मजबूर है। लॉकडाउन (Lockdown) के बीच कंटेटमेंट जोन (containment zone) की बंदिशों से किसानों कमर टूटने लगी है। खेतों में टमाटर की फसल सड़ने लगी है लिहाजा किसान लोगों को बंपर छूट भी दे रहे हैं कि 10 रुपए में जितनी मर्जी टमाटर तोड़ कर ले जाओ, लेकिन खरीददार नहीं मिल रहे हैं। आलम ये है कि मवेशियों को टमाटर खिलाना पड़ रहा है।

दरअसल छत्तीसगढ़ के जशपुर में बगीचा तहसील में बड़े पैमाने पर टमाटर (tomato) की फसल का उत्पादन किया जाता है। इस बार 400 हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर की फसल उगाई गई है। मार्च के महीने तक किसान दो बार फसल से टमाटर तोड़ चुके हैं लेकिन 22 मार्च से लागू जनता कर्फ्यू (Janta Curfew) और 24 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा हो गई। ऐसे में किसानों को बाजार नहीं मिल पाया। इस बीच कुछ शर्तों के साथ सब्जी बाजार जरूर खुले लेकिन ग्राहक नहीं मिल पाए जितनी उम्मीद थी।

हालात तब और बेकाबू हुए जब प्रवासी मजदूरों के आने के बाद प्रदेश में

कोरोना वायरस के मरीजों में बढौत्तरी होने लगी और इसकी जद से जशपुर जिला भी अछूता नहीं रहा।

जशपुर में मरीजों के मिलने से कई इलाके कंटेटमेंट जोन (containment zone) में आ गए

ऐसे में टमाटर (tomato) बेचने किसान बाजार नहीं जा पाए।

अब तक नहीं खुल पाया प्रोसेसिंग यूनिट

जिले में टमाटर (tomato) की पैदावार को देखते हुए सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने साल 2007 में

पत्थलगांव तहसील के ग्राम लुड़ेग में टमाटर प्रोसेसिंग यूनिट की शुरआत की थी।

करीब सालभर तक यह ठीक रही। इसके बाद देखरेख के अभाव में यूनिट बंद हो गई।

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